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Monday, October 8, 2018

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र ( Child Development and Pedagogy ) भाग-9 अधिगम/सीखना ( Learning ) के प्रश्न उत्तर पढ़ने के लिए यह क्लीक करे

learning child development and pedagogy
Learning paper ki taiyari


नमस्कार दोस्तों
आपकी Paper ki taiyari   ( http://paperkitaiyari.blogspot.com/ ) अच्छी चल रही होगी और आप लोगो के कहने पर आज हम बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र ( Child Development and Pedagogy ) भाग-9  अधिगम/सीखना ( Learning ) पर कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नो (One Liner) की श्रखला लेकर आये है आशा है की आपके लिए मठपूर्ण सिद्ध होगी वर्तमान में मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती ,राजस्थान शिक्षक भर्ती,उत्तरप्रदेश शिक्षक भर्ती की पात्रता परीक्षा होने वाली है जिनमे इन प्रशनो का अहम् रोल होगा ,सभी प्रकार की शिक्षक भर्ती के लिए यह विषय अत्यंत आवश्यक है आगे भी हम इस विषय से सम्बंधित नोट्स ,पीडीऍफ़ उपलब्ध करने वाले है इसी तरह आप हमारी वेबसाइट पर विजिट करते रहिये 

                                                      भाग-9  
                                        अधिगम/सीखना ( Learning )
Ø विकास की प्रक्रिया सम्‍बन्धित है अधिगम से एवं कौशल अधिगम से
Ø विकास की मन्‍द गति की स्थिति में अधिगम होता है मन्‍द
Ø अधिगम के लिए आवश्‍यक है बालक की मानसिक स्‍वस्‍थता एवं शारीरिक स्‍वस्‍थता
Ø कौशलात्‍मक अधिगम के लिए प्रमुख आवश्‍यकता होती है शारीरिक विकास की
Ø अस्थि विकलांग बालकों के समक्ष अधिगम प्रक्रिया में बाधा उत्‍पन्‍न होती है शारीरिक विकास के कारण
Ø व्‍यक्तित्‍व को प्रभावशाली बनाने तथा व्‍यक्तित्‍व गुणों के सीखने में आवश्‍यक होता है शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास
Ø स्‍वस्‍थ शरीर में निहित है स्‍वस्‍थ मन
Ø गतिविधि आधारित अधिगम के लिए आवश्‍यक है शारीरिक एवं मानसिक विकास
Ø विकलांग बालकों के समक्ष विद्यालय में समायोजन की समस्‍या का प्रमुख कारण होता है शारीरिक विकास
Ø शारीरिक विकास को इसलिए महत्‍वपूर्ण माना जाता है, क्‍योंकि यह मानसिक विकास में योगदान देता है। यह अधिगम में योगदान देता है। यह कौशलों के सीखने में योगदान देता है।
Ø मानसिक रूप से मन्‍द बालक का अधिगम स्‍तर कम होता है क्‍योंकि ये बालक विषय-वस्‍तु पर ध्‍यान नहीं दे पाते हैं। इनका मानसिक विकास पूर्ण नहीं होता है।
Ø अवधान का सम्‍बन्‍ध होता है मानसिक विकास से
Ø स्‍मृति विहीन बालक का अधिगम स्‍तर निम्‍न होता है, क्‍योंकि उसका मानसिक विकास नहीं होता है।

Ø एक बालक अपनी शैक्षिक समस्‍याओं का समाधान करने में असमर्थ है तो माना जाएगा मानसिक विकास का अभाव
Ø प्रभावी एवं उच्‍च अधिगम के लिए आवश्‍यक है मानसिक विकास
Ø अधिगम से सम्‍बन्धित मानसिक शक्तियां हैं स्‍मृति, अवधान, चिन्‍तन
Ø कक्षा में अधिगम प्रक्रिया हेतु बालकों का समूह विभाजन किस आधार पर किया जाता है मानसिक विकास के आधार पर
Ø अधिगम प्रक्रिया में चिन्‍तन की प्रभावशीलता प्रदर्शित करती है उच्‍च मानसिक विकास को
Ø अधिगम प्रक्रिया में प्रमुख भूमिका होती है मानसिक शक्तियों की
Ø किसी कार्य को सीखने में सफलता के लिए आवश्‍यक है उचित शारीरिक विकास, उचित मानसिक विकास
Ø उच्‍च मानसिक विकास के लिए आवश्‍यक है उत्‍तम स्‍वास्‍थ्‍य
Ø मानसिक विकास की मन्‍दता प्रभावित करती है अधिगम को
Ø प्रतिभाशाली बालकों का अधिगम स्‍तर उच्‍च पाया जाता है क्‍योंकि उनका मानसिक विकास होता है उच्‍च
Ø अरस्‍तू के अनुसार, शिक्षा का प्रमुख उद्देश्‍य माना जाता है मानसिक शक्तियों का विकास
Ø शिक्षक के मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य का प्रभाव पड़ता है शिक्षण अधिगम दोनों पर
Ø वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग प्रमुख रूप से अधिगम में उन छात्रों के लिए किया जा सकता है, जो छात्र होता है प्रतिभाशाली, उच्‍च मानसिक विकास वाले
Ø संवेगों का सम्‍बन्‍ध होता है मूल प्रवृत्ति से
Ø बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र व से संबंधित सभी Notes PDF यहां से Download करें
Ø अधिगम की प्रक्रिया के प्रभावी रूप से विकसित होने के लिए आवश्‍यक है संवेगात्‍मक स्थिरता
Ø भौतिक विकास एवं अधिगम के मूल में समावेश है संवेगात्‍मक विकास
Ø सृजन की क्रिया किस संवेग से बाधित होती है घृणासे
Ø व्‍यवहार के सीखने में योगदान होता है संवेगों का
Ø शैशवावस्‍था में प्रमुख रूप से विकसित होता है प्रेम, भय, क्रोध
Ø व्‍यवहार में मर्यादा का समावेश पाया जाता है संवेगात्‍मक स्थिरता के कारण एवं संवेगात्‍मक अस्थिरता के कारण
Ø बालक शीघ्रता से निर्णय लेने की क्षमता सीखता है किशोरावस्‍था में
Ø व्‍यक्तित्‍व निर्माण एवं विकास की प्रक्रिया में योगदान होता है संवेगों का स्‍थायित्‍व
Ø एक किशोर भूख लगने पर खाना बनाने का प्रयास करता है तथा खाना बनाना सीख जाता है। उसका यह प्रयास माना जाएगा संवेग द्वारा सीखना
Ø एक बालक को धन की आवश्‍यकता होने पर पिता से धन मांगता है। इसके लिए उपेक्षा मिलने पर वह धन कमाने के लिए विभिन्‍न कौशलों को सीखने लगता है। इस कार्य में किस संवेग का योगदान होता है आत्‍म अभिमान का
Ø एक बालक मर्यादित व्‍यवकार को सीखता है। इसके मूल में उद्देश्‍य निहित होता है चारित्रिक, नैतिक, सामाजिक विकास का
Ø मुनरो के अनुसार, चरित्र में समावेश होता है स्‍थायित्‍व का एवं सामाजिक निर्णय लेने का
Ø चारित्रिक विकास के अन्‍तर्गतविकास सम्‍बन्‍धी क्रियाओं को बालक सीखता है आत्‍म अनुशासन, मर्यादित व्‍यवहार, नैतिक व्‍यवहार
Ø चरित्र को माना जाता है सामाजिक धरोहर
Ø चारित्रिक विकास सम्‍बन्‍धी क्रियाओं को बालक सीखता है पूर्वजों से, परिवार से, शिक्षक एवं विद्यालय से
Ø एक बालक सत्‍य इसलिए बोलना सीखता है क्‍योंकि यह चरित्र का सर्वोत्‍तम गुण है उसकी यह सीखने की प्रक्रिया है सकारात्‍मक
Ø एक बालक चोरी करना छोड़कर सत्‍य का आचरण सीखता है तो उसको सीखने की प्रक्रिया के मूल में समाहित होता है चारित्रिक विकास की भावना
Ø अच्‍छे चरित्र की ओर संकेत करता है नैतिकता, मानवता, कर्तव्‍यनिष्‍ठा
Ø हमकी भावना से सम्‍बन्धित क्रियाओं को बालक किस अवस्‍था में सीखता है बाल्‍यावस्‍था में
Ø बालक विद्यालय में शिक्षक के गुणों को ग्रहण करता है क्‍योंकि वह शिक्षक को स्‍वीकार करता है चरित्रवान व्‍यक्ति के रूप में
Ø नैतिक क्रियाओं को सीखने के समय बालक की आयु होती है लगभग 4 वर्ष
Ø बालक अपनी क्रियाओं को परिणाम के आधार पर सीखने का प्रयास किस अवस्‍था में करता है – 5 से 6 वर्ष
Ø क्रो एण्‍ड क्रो के अनुसार, जन्‍म के समय बालक होता है सामाजिक व असामाजिक
Ø बालक सामाजिक व्‍यवहार को तीव्र गति से सीखता है सामाजिक विकास की अवस्‍था में
Ø सामूहिक व्‍यवहार को बालक प्रथम रूप में सीखता है शैशवावस्‍था के अन्‍त में
Ø गिरोह बनाने की प्रवृत्ति बालक सीखता है बाल्‍यावस्‍था में
Ø सामाजिक भावना से सम्‍बन्धित कार्यों को बालक सीखने लगता है बाल्‍यावस्‍था में
Ø आत्‍म प्रेम अर्थात् स्‍वयं को आकर्षक बनाने की गतिविधियों को बालक सीखता है किशोरावस्‍था में
Ø किशोरावस्‍था में बालकों द्वारा समायोजन की प्रक्रिया को सीखने में अस्थिरता का समावेश होने का कारण है संवेगों की तीव्रता
Ø सामाजिक कार्यों में उत्‍साह एवं तीव्रता का प्रदर्शन एवं उन्‍हें सीखने की प्रक्रिया किस अवस्‍था में तीव्र गति से सम्‍भव होती है किशोरावस्‍था
Ø सामाजिक विकास एवं कार्यों के सीखने में प्रभाव होता है वंशानुक्रम का
Ø बालक को सामाजिक गुणों को सीखने में सहायता करता है खेल व पाठ्यक्रम सहगामी क्रियाएं

Ø सामाजिक कार्यों को सीखने के लिए आवश्‍यक है उत्‍तम स्‍वास्‍थ्‍य, मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य, संवेगात्‍मक स्थिरता
Ø क्रो एण्‍ड क्रो के अनुसार, कौन-से विकास साथ-साथ चलते हैं सामाजिक विकास एवं संवेगात्‍मक विकास
Ø हरलॉक के अनुसार, बालक सर्वाधिक सामाजिक कार्यों को सीखता है समूह में
Ø सामाजिक विकास को प्रभावित करता है संवेगात्‍मक व मानसिक विकास तथा वंशानुक्रम
Ø तथ्‍यात्‍मक ज्ञान को सीखने में सर्वप्रथम आवश्‍यकता होती है भाषायी विकास की
Ø भाषायी क्रियाओं को बालक सर्वप्रथम सीखता है परिवार से
Ø भाषायी ज्ञान को परिष्‍कृत करने का साधन है विद्यालय
Ø शैशवावस्‍था में भाषायी तथ्‍यों के सीखने में सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है परिवार की संस्‍कृति एवं सभ्‍यता का
Ø सामान्‍य भाषायी अधिगम की स्थिति में बालक लगभग 200 से 225 तक शब्‍ध किस आयु वर्ग में सीखता है – 2 वर्ष में
Ø भाषायी तथ्‍यों को कौन अधिक तीव्र गति से सीखता है बालक व बालिका
Ø निम्‍नलिखित में कौन सी संस्‍था भाषायी तथ्‍यों को सीखने में बालक की सहायता करती है समुदाय एवं घर, विद्यालय एवं परिवार, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति
Ø स्मिथ के अनुसार, जन्‍म के बाद के प्रथम दो वर्षों में लम्‍बी अवधि तक रोगग्रस्‍त होने के कारण भाषायी विकास की क्रिया हो जाती है मन्‍द एवं सामान्‍य
Ø भाषायी अधिगम को प्रभावित करने वाला कारक है स्‍वास्‍थ्‍य एवं बुद्धि
Ø भाषायी अधिगम सर्वाधिक प्रभावित होता है हकलाने से एवं तुतलाने से
Ø भाषायी अधिगम प्रभावित होता है सामाजिक स्थिति से
Ø सृजनात्‍मक विकासमें निहित होती है बाल कल्‍पना
Ø बालक द्वारा मिट्टी के घर एवं खिलौनों का निर्माण करना सूचक है सृजनात्‍मक विकास का
Ø बालक में आयु की वृद्धि के साथ-साथ कल्‍पना का स्‍वरूप होता है मन्‍द
Ø गणित में सृजनात्‍मकता के माध्‍यम से शिक्षण में बालकों को प्रदान किया जा सकता है गणितीय आकृतियों का निर्माण
Ø एक बालक एक मूर्ति को देखकर उसे बनाने का प्रयास करने लगता है, उसके इस मूल में समाहित है सृजनात्‍मकता
Ø बालक द्वारा राजा, चोर एवं सिपाही की भूमिका का निर्वहन करना एवं उनकी गतिविधियों को सीखना निर्भर करता है सृजनात्‍मकता के विकास पर
Ø बालकों को कविताओं के माध्‍यम से शिक्षण करना प्रभावशाली माना जाता है क्‍योंकि कविताओं में निहित होती है सौन्‍दर्य
Ø सौन्‍दर्यात्‍मक विकास एवं मूल्‍य अधिगम से सम्‍बन्धित है प्रत्‍यक्ष रूप से एवं अप्रत्‍यक्ष रूप से
Ø संगीत एवं लोकगीत का अधिगम बालक शीघ्रता से करते हैं, क्‍योंकि इसमें निहित है सौन्‍दर्य एवं भाव पक्ष
Ø प्राकृतिक संसाधनों का अधिगम में प्रयोग करने के लिए छात्रों में किस विकास की आवश्‍यकता होती है सृजनात्‍मकता विकास की
Ø सीखने के नियमों के प्रतिपादक है थार्नडाइक
Ø सीखने के नियम आधारित है प्रयास और त्रुटि विधि पर
Ø प्रयास एवं त्रुटि द्वारा सीखना ही उद्दीपक प्रतिक्रिया का सिद्धान्‍त है।
Ø व्‍यवहार के कारण व्‍यवहार में कोई भी परिवर्तन अधिगम हैऐसा कहा गया है गिलफोर्ड द्वारा
Ø पावलॉव था एक रूसी मनोवैज्ञानिक
Ø अधिगम के विभिन्‍न विद्धान्‍त व्‍याख्‍या करते हैं अधिगम के उत्‍पन्‍न एवं व्‍यक्‍त होने की प्रक्रिया की
Ø पावलॉव ने सम्‍बन्‍ध प्रत्‍यावर्तन सिद्धान्‍त का प्रयोग सर्वप्रथम किस पर किया कुत्‍ते पर
Ø अन्‍तदृष्टि या सूझ का सिद्धान्‍त के जनक है कोहलर
Ø अनुकरण सिद्धान्‍त के द्वारा बालक में क्‍या विकसित किया जा सकता है सद्विचार, सद्व्‍यवहार का
Ø जिस सिद्धान्‍त के अनुसार, प्राणी किसी परिस्थिति को देख करके तथा अनुभव करके उसकी पूर्ण आकृति बनाते हैं, वह है गेस्‍टाल्‍ट का सिद्धान्‍त
Ø बालक को सीखने के समय ही, जिस क्रिया को सीखना होता है, टेपरिकॉर्डर पर रिकॉर्ड करके उसका सम्‍बन्‍ध मस्तिष्‍क से कर दिया जाता है। यह कथन है सुप्‍त अधिगम
Ø निम्‍न में से अधिगम की विधियां है अवलोकन विधि, करके सीखना, सुप्‍त अधिगम व सामूहिक विधि
Ø शिक्षण और अधिगम एक सिक्‍के के दो पहलू हैं, शिक्षण से अधिगम तथा अधिगम से शिक्षण की प्राप्ति होती है। दोनों गत्‍यात्‍मक प्रक्रियांएं हैं।
Ø सीखने के सूझ के सिद्धान्‍त की शैक्षिक उपयोगिता निम्‍न में से नहीं है यह सिद्धान्‍त समय पर सीखने पर अधिक बल नहीं देता।
Ø सीखने का सूझ के सिद्धान्‍त में किस जानवर पर प्रयोग किया गया चिम्‍पैंजी पर
Ø अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक है भूख एवं परिपक्‍वता, प्रशंसा एवं निन्‍दा, शिक्षण पद्धति एवं अभ्‍यास
Ø सीखने में रुकावट आने का कारण है पुरानी आदतों का नई आदतों से संघर्ष, कार्य की जटिलता, शारीरिक सीमा
Ø लक्ष्‍य प्राप्ति में सूझ का महत्‍व माना है ड्रेवर ने
Ø सीखने की प्रक्रिया की एक प्रमुख विशेषता पठार है।यह कथन है रॉस का
Ø सीखने में उन्‍नति पूर्ण सम्‍भव है सिद्धान्‍त रूप में
Ø सीखने की आवश्‍यकता है बालक का पूर्ण व्‍यक्तित्‍व
Ø सीखने की गति निर्भर करती है सीखने वाले की रूचि पर, जिज्ञासा पर, सीखने वाले की प्रेरणा।
Ø सीखने की अन्तिम अवस्‍था में सीखने की गति होती है धीमी
Ø सीखना प्रारम्‍भ होता है जिज्ञासा
Ø सीखने की प्रक्रिया सम्‍पादित होती है शिक्षकों से
Ø बन्‍दूरा के अनुसार, किन प्रतिरूपों का बालकों द्वारा अनुकरण किया जाता है जो पुरस्‍कृत साधनों पर नियन्‍त्रण रखते हैं। जो उच्‍च स्‍तर रखते हैं।
Ø अधिगम की प्रक्रिया में किन प्रतिरूपों का अनुकरण नहीं किया जाता है अयोग्‍य प्रतिरूपों का
Ø निम्‍नलिखित में कौन-सा तथ्‍य बन्‍दूरा के व्‍यक्तित्‍व के सिद्धान्‍त से सम्‍बन्धित है सामाजिक पुरस्‍कार का सिद्धान्‍त, दण्‍ड का सिद्धान्‍त, प्रतिरूपों के तादात्‍मीकरण का सिद्धान्‍त।
Ø राम के पिता को परमवीर चक्र प्रदान किया गया क्‍योंकि उसके पिता सेना में कार्यरत हैं। उसके पिता को सभी समाज के सामने सम्‍मानित किया गया। इसके बाद बालकों में देश सेवा की क्रियाओं को भाग लेने की भावना का विकास हुआ। यह प्रक्रिया बन्‍दूराके किस सिद्धान्‍त पर आधारित है सामाजिक पुरस्‍कार का सिद्धान्‍त
Ø एक बालक कक्षा से इसलिए नहीं भागता है कि शिक्षक द्वारा अन्‍य भागने वाले बच्‍चों को दण्डित किया जाता है। उसका यह अनुकरण किस सिद्धान्‍त पर आधारित है दण्‍ड का सिद्धान्‍त
Ø बन्‍दूरा के प्रमुख रूप से व्‍यक्तित्‍व सिद्धान्‍तों की संख्‍या है दो
Ø बन्‍दूरा ने अपने सिद्धान्‍त का प्रयोग किया बालकों पर
Ø बन्‍दूरा के अधिगम सिद्धान्‍त का प्रमुख साधन था फिल्‍म
Ø बन्‍दूरा के द्वारा प्रस्‍तुत अधिगम सिद्धान्‍त में फिल्‍म के भाग थे तीन
Ø बन्‍दूरा ने प्रमुख रूप से अपनीप्रयोगसम्‍बन्‍धी क्रियाओं में किन तथ्‍यों को स्‍थान प्रदान किया पुरस्‍कार एवं दण्‍ड
Ø बालकों द्वारा प्रतिरूप के किस व्‍यवहार का अनुकरण नहीं किया जाता है दण्डित व्‍यवहार का
Ø बालक द्वारा सर्वाधिक प्रतिरूप के किस व्‍यवहार का अनुकरण किया जाता है पुरस्‍कृत व्‍यवहार का
Ø तादात्‍मीकरण का आशय है प्रतिरूप की क्रियाओं को आत्‍मसात करना
Ø छात्रों में अन्‍तर्निहित प्रतिभाओं का विकास सम्‍भव होता है तादात्‍मीकरण द्वारा
Ø तादात्‍मीकरण की प्रक्रिया से सम्‍बन्धित तथ्‍य है प्रतिरूप के व्‍यवहार से प्रभावित होना, प्रतिरूप का चयन करना, प्रतिरूप के अनेक व्‍यवहारों का अनुकरण करना।
Ø एक बालक द्वारा शिक्षक की शिक्षण कला को देखकर उसके व्‍यवहार का अनुकरण किया जाता है। बालक द्वारा बन्‍दूरा के किस सिद्धान्‍त का अनुकरण किया जाता है तादात्‍मीकरण के सिद्धान्‍त का
Ø अधिगमकर्ता किसी प्रतिरूप का चयन किस आधार पर करता है सहानुभूति एवं आत्‍मीय व्‍यवहार
Ø विद्धालय के नियमों का अनुकरण छात्रों द्वारा किया जाता है दण्‍ड के आधार पर
Ø एक बालक अपने सहपाठी राम को दौड़ने में प्रथम स्‍थान प्राप्‍त करते हुए देखता है तो वह भी उसका अनुकरण करने लगता है। उसका यह अनुकरण माना जाएगा ईर्ष्‍या के आधार पर
Ø एक बालक में खेल के प्रति रुचि अधिक है इसलिए वह अन्‍य शिक्षकों की तुलना में खेल शिक्षक को प्रतिरूप के रूप में स्‍वीकार करता है। उसका यह प्रतिरूप चयन आधारित होगा आदतों की समानता
Ø मोहन अपने बड़े भाई को दूसरों की सहायता करते हुए देखता है, परिणामस्‍वरूप वह भी इस कार्य में लग जाता है। इस प्रक्रिया में प्रमुख भूमिका होता है प्रभावशीलता की
Ø सामाजिक अधिगम की प्रक्रिया में स्‍थायित्‍व की स्थिति उत्‍पन्‍न होती है जब कोई घटना बार-बार होती है।
Ø सामाजिक रूप से उपयोगी तथा अधिगमकर्ता द्वारा उसकी स्‍वीकृत उपयोगिता किसी क्रिया में उत्‍पन्‍न करती है स्‍थायी अधिगम
Ø सामान्‍य परिस्थितियों में 5 वर्ष के बालक द्वारा सात वर्ष के बालक की तुलना में कम सामाजिक अधिगम किया जाता है। इसका प्रमुख कारण है आयु परिपक्‍वता


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