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| learning paper ki taiyari |
नमस्कार दोस्तों ,
आपकी Paper ki taiyari ( http://paperkitaiyari.blogspot.com/
) अच्छी चल रही होगी और आप लोगो के कहने पर आज हम बाल विकास एवं
शिक्षाशास्त्र ( Child Development and Pedagogy ) भाग-10 अधिगम/सीखना ( Learning ) पर कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नो (One
Liner) की श्रखला लेकर आये है आशा है की आपके लिए मठपूर्ण सिद्ध
होगी वर्तमान में मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती ,राजस्थान शिक्षक
भर्ती,उत्तरप्रदेश शिक्षक भर्ती की पात्रता परीक्षा होने
वाली है जिनमे इन प्रशनो का अहम् रोल होगा ,सभी प्रकार की
शिक्षक भर्ती के लिए यह विषय अत्यंत आवश्यक है आगे भी हम इस विषय से सम्बंधित नोट्स
,पीडीऍफ़ उपलब्ध करने वाले है इसी तरह आप हमारी वेबसाइट पर
विजिट करते रहिये
भाग-10
Ø सामाजिक
अधिगम की तीव्रता एवं स्थायी गति होती है – शिक्षित
समाज में
Ø जिस
समाज में सामाजिक नियम एवं परम्परा प्रगतिशील एवं आत्मानुशासन से सम्बन्धित
होंगे। –
उत्तम एवं तीव्र
Ø रूढिवादी
समाज में सामाजिक अधिगम की मन्दता का कारण होता है – अस्वस्थ परम्पराएं, अन्धविश्वास, अनुपयोगी परम्पराएं
Ø अन्य
देशों की तुलना में भारतीय बालकों में सामाजिक अधिगम की गति तीव्र हेाती है क्योंकि
भारतीय समाज सम्पन्न है – शिक्षा से
Ø किसी
समाज में आन्तरिक कलह, संघर्ष एवं अशान्ति का
वातावरण है। – मन्द
Ø लेह-लद्दाख
की तुलना में दिल्ली में सहने वाले बालक का सामाजिक अधिगम अधिक होता है। इसका
प्रमुख कारण है – जलवायु
Ø सामाजिक
अधिगम किन परिस्थितियों में उत्तम होता है – अधिगमकर्ता
के अनुरूप
Ø सीखने
के मुख्य नियमों के अतिरिक्त गौण नियम भी हैं जो मुख्य नियमों को विज्ञतार देते
हैं। गौण नियम है – बहुप्रतिक्रिया नियम
Ø निम्न
में से जो अधिगम के स्थानान्तरण का सिद्धांत नहीं है, वह है – असमान अंशों का सिद्धान्त
Ø निम्न
में से जो वंचित वर्ग से सम्बन्धित नहीं है, वह है –
अमीर वर्ग
Ø मूल
प्रवृत्तियां एक जाति के प्राणियों में एक-सी होती है, यह कथन है – भाटिया का
Ø पावलॉव
ने अधिगमका जो सिद्धान्त प्रतिपादित किया था, वह है –
अनुकूलित अनुक्रिया
Ø मूल
प्रवृत्तियोंमें आवश्यक होता है – अनुभव
Ø ”मापन किया जाने वाला व्यक्तित्व का प्रयोग पहलू वैयक्तिक भिन्नता का
अंश है।” उपर्युक्त परिभाषा दी है – स्किनर
ने
Ø थार्नडाइक
का सीखने का मुख्य नियम नहीं है – सदृश्यीकरण
का नियम
Ø अन्तर्दृष्टि
पर प्रभाव डालने वाले तत्व है – बुद्धि, अनुभव, प्रयत्न एवं त्रुटि
Ø क्रियात्मक
अनुबन्धन का सिद्धान्त किसकी देन माना जाता है – स्किनर
की
Ø जिन
आदतों का सम्बन्ध मस्तिष्क से होता है, वह हैं –
नाड़ीमण्डल सम्बन्धी आदतें
Ø जब
पूर्व प्राप्त अनुभव नवीन समस्या को हल करने में सहायक होता है, वह है – धनात्मक स्थानान्तरण
Ø निम्नलिखित
में से सीखने का मुख्य नियम है – अभ्यास का नियम
Ø थार्नडाइक
का अधिगम सिद्धान्त निम्नलिखित नाम से जाना जाता है – प्रयास व त्रुटि का सिद्धान्त
Ø सीखने
के मुख्य नियमों के अतिरिक्त गौण नियम भी हैं जो मुख्य नियमों को विस्तार देते
हैं। गौण नियम है – बहुप्रतिक्रिया नियम
Ø कक्षा
वातावरण में सीखने का महत्वपूर्ण नियम है – हस्तलेखन
Ø सीखी
गई क्रिया का अन्य समान परिस्थितियों में उपयोग किया जाना कहलाता है – अधिगम, अधिगम स्थानान्तरण या परिपक्वता इनमें से
कोई नहीं
Ø शिक्षा
मनोविज्ञान जरूरी है – शिक्षक, छात्र, अभिभावक सभी के लिए
Ø अधिगम
की निम्नान्कित परिभाषा किसने दी है? ‘सीखना
विकास की प्रक्रिया है।‘ – बुडवर्थ
Ø सीखना
प्रभावित होता है – प्रेरणा
Ø ”सीखना सम्बन्ध स्थापित करता करता है। सम्बन्ध स्थापित करने का कार्य,
मनुष्य का मस्तिष्क करता है।” यह कथन है –
थार्नडाइक का
Ø ”सीखने की असफलताओं का कारण समझने की असफलताएं हैं।” यह
कथन है – मर्सेल का
Ø सीखने
के बिना सम्भव नहीं है – वृद्धि व अभिवृद्धि
Ø सीखने
के लिए विष्य-सामग्री का स्वरूप होना चाहिए – सरल से कठिन
Ø छात्रों
द्वारा विचार-विनिमय किया जाता है – सम्मेलन व
विचार गोष्ठी से
Ø प्रारम्भिक
कक्षाओं में सीखने की जिन विधियों को महत्व दिया है, वह है – करके सीखना
Ø सीखने
के प्रकार है – ज्ञानात्मक, गामक,
संवेदनात्मक अधिगम
Ø हम
जो भी नया काम करते हैं उसे आत्मसात कर लेते हैं। यह सम्बन्धित है – आत्मीकरण के नियम से
Ø जब
किसी वस्तु को देखकर या स्पर्श कर ज्ञान प्राप्त किया जाता है तो वह सीखना
कहलाता है – प्रत्यक्षात्मक सीखना
Ø तत्परता
के द्वारा हम कार्य सीख लेते हैं – शीघ्र
Ø सीखने
को प्रभावित करता है, कक्षा का – मनोविज्ञान वातावरण
Ø संवेग
में प्रवृत्ति होती हैं – स्थिरता
Ø थार्नडाइक
मनोवैज्ञानिक थे – अमेरिका के
Ø निम्नांकित
में वंचित वर्ग में शामिल होते हैं – अनुसूचित
जाति, अनुसूचित जनजाति, विकलांग बालक
सभी
Ø स्किनर
ने कितने प्रकार के उपपुनर्बलन का प्रयोग किया है? – चार
प्रकार के
Ø ‘कोहलर‘ का अधिगम-सिद्धान्त निम्नलिखित नाम से जाना
जाता है – अन्तदृष्टि का सिद्धान्त
Ø अधिगम
को प्रभावित करने वाले घटक हैं – उचित वातावरण, प्रेरणा एवं परिपक्वता
Ø अधिगम
तब तक सम्भव नहीं है जब तक कि व्यक्ति शारीरिक तथा मानसिक रूप से ………..
नहीं हो – परिपक्व
Ø ”संवेगात्मक जीवन में स्थानान्तरण का नियम एक वास्तविक तथ्य है।”
यह कथन है – मैलोन का
Ø निम्न
में से कौन-सा कारक किशोरावस्था में बालक के विकास को प्रभावित करता है? –
खान-पान, वंशानुक्रम एवं नियमित दिनचर्या
Ø जिस
विधि के द्वारा बालक को आत्म-निर्देशन के माध्यम से बुरी आदतों को दुड़वाने का
प्रयास किया जाता है, वह विधि है – आत्मनिर्देशन विधि
Ø बुद्धि-लब्धि
के लिए विशिष्ट श्रेय किस मनोवैज्ञानिक को जाता है? – स्टर्न
को
Ø बालक
के सामाजिक विकास में सबसे महत्वपूर्ण कारक कौन-सा है? –
वातावरण का
Ø संवेगात्मक
विकास की किस अवस्था में तीव्र परिवर्तन होता है? – किशोरावस्था
Ø चरित्र
को निश्चित करने वाला महत्वपूर्ण कारक है – मनोरंजन सम्बन्धी
कारक
Ø जिस
आयु में बालक की मानसिक योग्यता का लगभग पूर्ण विकास होता है, वह है – 14 वर्ष
Ø सामान्य
बुद्धि बालक प्राय: किस अवस्था में बोलना सीख जाते हैं? –
11 माह
Ø निम्नांकित
पद्धति व्यक्तिगत भेद को ध्यान में नहीं रखकर शिक्षण में प्रयुक्त की जाती है – व्याख्यान विधि
Ø शारीरिक
रूप से व्यक्ति-व्यक्ति के मध्य जो भिन्नता दिखाई देती है, वह कहलाती है – बाहरी विभिन्नता
Ø बाह्य
रूप से दो व्यक्ति एकसमान हैं, लेकिन वे अन्य आन्तरिक
योग्यताओं की दृष्टि से समरूप नहीं हैं, ऐसी व्यक्गित
विभिन्नता कहलाती है – आन्तरिक विभिन्नता
Ø व्यक्तिगत
शिक्षण में निम्नलिखित विधि काम में नहीं आती है – सामूहिक
शिक्षण पद्धति
Ø मोटे
रूप में व्यक्तिगत विभेद को कितने भागों में विभाजित किया गया है? –
दो
Ø एक
छात्र द्वारा गणित के सूत्र x2+y2+2xy की गणितीय
अवधारणा का प्रयोग भौतिक विज्ञान के प्रश्न का हल करने में किया जाता है। उसका यह
कार्य माना जाएगा – अधिगम स्थानान्तरण
Ø अधिगम
स्थानान्तरण से बचत होती है – समय एवं श्रम की
Ø अधिगम
स्थानान्तरा की आवश्यक शर्त है – स्थायी
अधिगम, स्थिति का चयन, प्रभाव, ये सभी
Ø निम्नलिखित
में से कौन-सा कारक अधिगम को प्रभावित करने वाले मनोवैज्ञानिक कारकों से सम्बन्धित
है?
– उचित प्रतिचारों का चुनाव, प्रक्रिया की
प्रभावशीलता, रुचि सभी
Ø एक
बालक गणित सीखनेमें रुचि नहीं रखता है इसलिए वह गणित में कमजोर है। यह कारक अधिगम
को प्रभावित करने वाले कारकों में से किस कारक से सम्बन्धित है? –
मनोवैज्ञानिक कारक से
Ø निम्नलिखित
में कौन-सा कारक शारीरिक कारक से सम्बन्धित है जो कि अधिगम को प्रभावित करते हैं – विकलांगता, दृष्टि दोष, एवं
श्रवण दोष
Ø तीवन
वर्ष का बालक साइकिल चलाना नहीं सीख पाता है। इसका प्रमुख कारण होगा – आयु एवं परिपक्वता का अभाव
Ø निम्नलिखित
में कौन-सा कारक अधिगम को प्रभावित करने वाले सामाजिक कारकों से सम्बन्धित है? –
शिक्षित समाज, सामाजिक प्रशंसा, सामाजिक नियमों का प्रभाव
Ø एक
बालक कक्षा में इसलिए अनुपस्थित रहता है कि उसके माता-पिता उसे गृहकार्य नहीं करने
देते हैं तथा उसे अपने निजी कार्यों में लगाते हैं। इसका प्रमुख कारण माना जायेगा – अशिक्षित समाज का होना, शिक्षा के महत्व को न जानना,
अभिभावक का अशिक्षित होना।
Ø एक
बालक विभिन्न प्रकार के लोकगीतों को सरलता से सीख जाता है, जबकि उसको कक्षा में सीखने में कठिनाई होती है। इसका प्रमुख कारण है –
सांस्कृतिक परम्पराओं से प्रेम होना, सभ्यता
एवं संस्कृति से लगाव
Ø जलवायु
एवं स्थान के आधार पर अधिगम का प्रभावित होना सम्मिलित किया जा सकता है – पर्यावरणीय कारकों में
Ø ”सूझ वास्तविक स्थिति का आकस्मिक, निश्चित और तात्कालिक
ज्ञानहै।” यह कथन है – गुड का
Ø व्यवहारवाद
की उत्पत्ति कहां से मानी जाती है? – अमेरिका
से
Ø व्यवहारवाद
के प्रमुख समर्थक थे – वाट्सन
Ø संरचनावाद
के विकास में सर्वाधिक योगदान माना जाता है – विलियम बुण्ट
का
Ø बुण्ट
ने सबसे पहली मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला किस सन् में स्थापित की – सन् 1875 में
Ø मनोवैज्ञानिक
स्वीयरमैन के अनुसार, बालक की बुद्धि का अधिकतम
विकास किस उम्र में होता है? – 14 से 16 वर्ष की उम्र में
Ø ”इस बात पर कोई मतभेद नहीं हो सकता है कि किशोरावस्था जीवन का सबसे कटिन
काल है।” यह कथन है – किलपैट्रिक का
Ø विशिष्ट
बालक में प्रमुख विशेषता है – साधारण बालकों से भिन्न
गुण एवं व्यवहार वाला बालक
Ø प्रतिभाशाली
बालक की विशेषता है – तर्क, स्मृति,
कल्पना आदि मानसिक तत्वों का विकास, उदार
एवं हंसमुख प्रवृत्ति के होते हैं। दूसरों का सम्मान करते हैं, चिढ़ाते नहीं हैं।
Ø विशिष्ट
बालकों की श्रेणी में आते हैं केवल – प्रतिभाशाली,
पिछड़े, समस्यात्मक ये सभी
Ø शारीरिक
रूप से अक्षम बालकों को किस श्रेणी में रखते हैं – विकलांग
Ø ”प्रतिभाशाली बालक शारीरिक गठन, सामाजिक समायोजन व्यक्तित्व
के गुणो, विद्यालय उपलब्धि, खेल की
सूचनाओं और रुचियों की विविधतामें औसत बालकों से रेष्ठ होतेहैं।” यह कथन है – टर्मन एवं ओडम का
Ø ”पिछड़ा हुआ बालक वह है जो अपने विद्यालयी जीवन में अध्ययन काल के मध्य
में अपनी आयु के अनुरूप अपनी कक्षा से नीचे की कक्षा के उस कार्य को न कर सके,
जो उसकी आयु के बालकों के लिए सामान्य कार्य है।” यह कथन है – बर्ट का
Ø टर्मन
के अनुसार प्रतिभाशाली बालक की बुद्धिलब्धि कितने से अधिक होती है –
140
Ø ”जो बालक कक्षा में विशेष योग्यता रखते हैं उनको प्रतिभाशाली कहते हैं।”
यह कथन है – ड्यूवी का
Ø चोरी, झूठ व क्रोध करने वाला बालक है – समस्यात्मक
Ø ”जिस बालक की शैक्षिक लब्धि 85 से कम होती है उसे
पिछड़ा बालक कहा जा सकता है।” यह कथन है – बर्ट का
Ø ”जिस बालक की बुद्धि–लब्धि 70
से कम होती है, उसको मन्द बुद्धि बालक कहते हैं।” यह कथन है – क्रो एवं क्रो का
Ø ”एक व्यक्ति जिसमें इस प्रकार का शारीरिक दोष होता है जो किसी भी रूप में
उसे सामान्य क्रियाओं में भाग लेने से रोकता है या उसे सीमित रखता है, उसको हम विकलांग (शारीरिक न्यूनता से ग्रस्त) कह सकते हैं।” यह कथन है – क्रो एवं क्रो का
Ø ”प्रतिभाशाली बालक 80 प्रतिशत धैर्य नहीं खोते,
96 प्रतिशत अनुशासित होते हैं तथा 58 प्रतिशत
मित्र बनाने की इच्छा रखते हैं।” यह कथन है – विटी का
Ø एक
बालक की वास्तविक आयु 12 वर्ष तथा मानसिक आयु 15 वर्ष है तो उसकी बुद्धिलब्धि होगी – 125
Ø अधिगम
के प्रकार हैं – गामक अधिगम
Ø प्रारम्भिक
कक्षाओं में सीखने की जिन विधियों को महत्व दिया है, वह है – करके सीखना
Ø हम
जो भी नया काम करते हैं उसे आत्मसात कर लेते हैं। यह सम्बन्धित है – आत्मीकरण के नियम से
Ø जब
किसी वस्तु को देखकर या स्पर्श कर ज्ञान प्राप्त किया जाता है तो वह सीखना
कहलाता है – प्रत्यक्षात्मक सीखना
Ø तत्परता
के द्वारा हम कार्य सीख लेते हैं – शीघ्र
Ø अधिगम
को प्रभावित करता है, कक्षा का – मनोवैज्ञानिक वातावरण
Ø मन्द
बुद्धि बालकों में अधिगम स्थानान्तरण मन्द गति से होने का कारण माना जाता है – बुद्धि लब्धि एवं स्मृति का अभाव
Ø अधिगम
स्थानान्तरण के लिए शिक्षक द्वारा छात्रोंको प्रशिक्षण देना चाहिए – पृथक रूप से
Ø शिक्षक
को उचित स्थानान्तरण के लिए सर्वप्रथम जाग्रत करना चाहिए – छात्रों के पूर्व ज्ञान को एवं छात्रों के पूर्व अनुभवों को
Ø ऋणात्मक
स्थानान्तरण को रोकने का उपाय है – भ्रमपूर्ण
परिस्थितियों पर ध्यान देना
Ø व्यक्तित्व
के निर्माण का महत्वपूर्ण साधन है – सहयोग
Ø अधिगम
या व्यवहार सिद्धान्त के प्रतिपादक है – क्लार्क हल
Ø अधिगम
की सफलता का मुख्य आधार माना जाता है – लक्ष्य
प्राप्ति की उत्कृष्ट इच्छा
Ø शिक्षा
मनोविज्ञान में जिन बालकों के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है, वह है – मन्द बुद्धि, पिछड़े
हुए, एवं समस्यात्मक
Ø अधिगम
का मुख्य चालक कहलाता है – अभिप्रेरणा
Ø समंजन
की प्रक्रिया है – गतिशीलता
Ø अधिगम
का मुख्य नियम है – तत्परता
Ø सीखने
का स्थानान्तरण जब सम्भव होता है जब एक कार्य का सीखना अथवा निष्पादन दूसरे
कार्य के सीखने अथवा निष्पादन में लाभ या हानि पहुंचाता है। यह कथन है – डीज का
Ø स्थानान्तरण
के लिए प्रमुख रूप से आवश्यक है – स्थायी
अधिगम
Ø अधिगम
स्थानान्तरण के लिए अधिगमकर्ता में योग्यता होनी चाहिए – सही स्थिति चयन की
Ø स्कूटर
चलाने में साइकिल चलाने का पूर्व ज्ञान सहायक सिद्ध होता है। यह उदाहरण है – ध्नात्मक स्थानान्तरण का
Ø एक
छात्र हिन्दी के 6 (सात) के अंक को अंग्रेजी के 6 के अंक के मध्य भ्रमित हो जाता है तथा गणित विषय में अपने जोड़ एवं घटाव
गलत कर देता है। यहां किस प्रकार का स्थानान्तरण हैं – ऋणात्मक
स्थानान्तरण
Ø पूर्व
ज्ञान का प्रयोग जब किसी अधिगम प्रक्रिया में सहायता या बाधा उत्पन्न नहीं करता
है। तब माना जाता है – शून्य स्थानान्तरण
Ø सीखने
की प्रक्रिया के अन्तर्गत स्थानान्तरण मे सहायक तत्व होते हैं – प्राप्त विचार, अनुभव, निपुणता
Ø निम्नलिखित
में कौन-सा सिद्धान्त अधिगम स्थानान्तरण के प्राचीन सिद्धान्त से सम्बन्धित
है –
मानसिक शक्तियों का सिद्धान्त, औपचारिक
मानसिक प्रशिक्षण का सिद्धान्त
Ø स्थानान्तरण
के समरूप तत्वों के सिद्धान्त के प्रणेता है – थार्नडाइक
Ø स्थानान्तरण
के सामान्यीकरण के सिद्धान्त के प्रणेता है – सी. एच. जड
ने
Ø आदर्श
एवं मूल्यों को अधिगम स्थानान्तरण प्रक्रिया में किस मनोवैज्ञानिक ने महत्व
प्रदान किया – डब्ल्यू. सी. बागले ने
Ø शिक्षक
द्वारा बालक को बताया जाता है कि गणित के ज्ञान में विज्ञान के ज्ञान को किस
प्रकार उपयोग किया जाता है तो इस क्रिया को माना जाएगा – स्थानान्तरण का परीक्षण
Ø ‘सफल स्थानान्तरण प्रक्रिया के लिए विद्यालय में शिक्षक को ज्ञान होना
चाहिए – स्थानान्तरण की प्रक्रिया का
Ø सफल
स्थानान्तरण के लिए छात्रों को मिलना चाहिए – उचित प्रशिक्षण
Ø स्थानान्तरण
की श्रेष्ठता के लिए छात्रों के लिए आवश्यक है – सैद्धान्तिक
ज्ञान एवं व्यवहारिक ज्ञान
Ø स्थानान्तरण
प्रक्रिया की सफलता के लिए आवश्यक है – समरूप तत्वों
का चयन
Ø विज्ञान
विषय में अधिगम मे स्थानान्तरण प्रक्रिया के रूप में बालक द्वारा सर्वाधिक किस
विषय के ज्ञान का प्रयोग सम्भव है – गणित
Ø पर्यावरणीय
अध्ययन में सामान्य रूप से अधिगम स्थानान्तरण हेतु किन विषयों का प्रयोग सम्भव
है –
विज्ञान एवं समाजशास्त्र, इतिहास एवं नागरिक
शास्त्र, भूगोल एवं अर्थशास्त्र
Ø अधिगम
स्थानान्तरण की प्रक्रिया सर्वाधिक सम्पन्न होती है – प्रतिभाशाली बालकों में
Ø स्थानान्तरण
की प्रक्रिया की आधुनिक विचारधारा से सम्बन्धित मनोवैज्ञानिक है – थार्नडाइक एवं बाग्ले
Ø अधिगम
स्थानान्तरण के लिए आवश्यक है – सीखने की
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