educational,study,preparation for comptetion exam,study material,educational news,educational articles, govt vacancy,competition news, current affairs,preparation for govt job,study material for govt job

Breaking

WELCOME

Updated

प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी करने के लिए Free में उपलब्ध E-Book,Pdf & Notes है यहां से Download करे

Monday, October 8, 2018

बाल विकाश और शिक्षाशास्त्र भाग-5 व्यक्तित्व एवं समायोजन ( Personality and Adjustment ) के प्रश्न उत्तर पढ़ने के लिए यह क्लीक करे


 
Personality and Adjustment question and answer, Personality and Adjustment pdf free download
Personality and Adjustment
नमस्कार दोस्तों
आपकी Paper ki taiyari   ( http://paperkitaiyari.blogspot.com/ ) अच्छी चल रही होगी और आप लोगो के कहने पर आज हम बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र ( Child Development and Pedagogy ) भाग-5 व्यक्तित्व एवं समायोजन ( Personality and Adjustment पर कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नो (One Liner) की श्रखला लेकर आये है आशा है की आपके लिए मठपूर्ण सिद्ध होगी वर्तमान में मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती ,राजस्थान शिक्षक भर्ती,उत्तरप्रदेश शिक्षक भर्ती की पात्रता परीक्षा होने वाली है जिनमे इन प्रशनो का अहम् रोल होगा ,सभी प्रकार की शिक्षक भर्ती के लिए यह विषय अत्यंत आवश्यक है आगे भी हम इस विषय से सम्बंधित नोट्स ,पीडीऍफ़ उपलब्ध करने वाले है इसी तरह आप हमारी वेबसाइट पर विजिट करते रहिये 
                                                    भाग-5

Ø एक शिक्षक का व्‍यवहार संवेगात्‍मक अस्थिरता संयुक्‍त तथा कठोर अनुशासन को मानने वाला है। इससे उसके मानसिक व्‍यवहारपर प्रभाव होगा प्रतिकूल
Ø निम्‍नलिखित में कौन-सा तथ्‍य छात्रों के मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को विकसित करता है शिक्षक का सकारात्‍मक व्‍यवहार
Ø समाज का किस स्‍वरूप से मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य कुप्रभावित होता है जातीय संघर्ष से एवं धार्मिक संघर्ष से
Ø मानसिक विकास हेतु बालकोंको प्राथमिक स्‍तर पर किस प्रकार की शिक्षा मिलनी चाहिए प्रजातान्त्रिक मूल्‍यों की
Ø मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के विकास में प्रमुख भूमिका होती है परिवार, समाज, एवं विद्यालय की
Ø बान हुसैन के अनुसार, अभिक्षमता है मापन प्रक्रिया
Ø बार हुसैन के अनुसरा, अभिक्षमता, मापन करती है अधिगम की सम्‍भावित गति का
Ø बिंघम के अनुसार, अभिक्षमता का आशय है विशेषताओं का समुच्‍चय
Ø निम्‍नलिखित में कौन-सी विशेषता अभिक्षमता से सम्‍बन्धित है जन्‍मजात शक्ति, अमूर्त शक्ति व अन्‍तर्निहित शक्ति
Ø निर्देशन एवं परामर्श से पूर्व बालक के सन्‍दर्भ में मापन आवश्‍यक है अभिक्षमता का, रुचि का, योग्‍यता का
Ø अभिक्षमता के प्रमुख प्रकार है दो
Ø निम्‍नलिखित में कौन-सा तथ्‍य अभिक्षमता परीक्षण से सम्‍बन्धित है सामान्‍य अभिक्षमता परीक्षण व विशिष्‍ट अभिक्षमतापरीक्षण
Ø सामान्‍यअभिक्षमता परीक्षण के अन्‍तर्गत मापन किया जाता है सभी अभिक्षमताओं का
Ø विशिष्‍टअभिक्षमता परीक्षण में मापन किया जाता है विशिष्‍ट अभिक्षमताओं का
Ø विद्यालयों में दृष्टि एवं श्रवण सम्‍बन्‍धी परीक्षणों का प्रमुख उद्देश्‍य होता है बालक की बैठक व्‍यवस्‍था निश्चित करना

Ø शिक्षक परीक्षा अभिक्षमता परीक्षण का उद्देश्‍य है सामान्‍य अभिक्षमता परीक्षा से
Ø निम्‍नलिखित में कौन-सा तथ्‍य विशिष्‍ट अभिक्षमता परीक्षणों से सम्‍बन्धित है गायन, नृत्‍य, कला
Ø अभिक्षमता के क्षेत्र में किस विश्‍वविद्यालय ने सर्वाधिक कार्य किया है मिनीसोटा वि.वि.
Ø वर्तमान समय विभिन्‍न व्‍यावसायिक नियुक्तियों से पूर्व अभ्‍यर्थियों का परीक्षण किया जाता है विशिष्‍ट अभिक्षमता परीक्षण
Ø ब्रर्स्‍टन के अनुसर, अभिवृत्ति प्रदर्शित करती है मनुष्‍य की भावनाओं को, पूर्वाग्रहों को व कल्पित धारणाओं को
Ø अभिवृत्ति का स्‍वरूप होता है अर्जित
Ø अभिवृत्ति का निर्माण होता है भावनाओं, पूर्वाग्रहों एवं विचारों से
Ø अभिवृत्ति हो सकती है धनात्‍मक, ऋणात्‍मक, अच्‍छी एवं बुरी से सभी
Ø अभिवृत्ति प्रभावित होती है वातावरण से, पूर्वाग्रहों से, कल्‍पनाओं से
Ø अभिवृत्ति का स्‍वरूप सभी व्‍यक्तियों में होता है असमान
Ø अभिवृत्ति का परिवर्तन करता है सम्‍भव
Ø अभिवृत्ति के मापन एवं मूल्‍यांकन में अभाव होता है विश्‍वसनीयता एवं वैधताका
Ø अभिवृत्ति से व्‍यक्ति का सर्वाधिक प्रभावित होता है व्‍यवहार
Ø अभिवृत्ति का मापन किया जा सकता है मुक्‍त प्रतिक्रिया द्वारा, मुक्‍त राय द्वारा, आत्‍मकथ्‍य द्वारा
Ø एक बालक प्रत्‍येक तथ्‍य को परीक्षण एवं प्रयोग के बाद ही स्‍वीकारकरता है। उसकी यह अभिवृत्ति मानी जाएगी वैज्ञानिक अभिवृत्ति, सामान्‍य अभिवृत्ति
Ø एक व्‍यक्ति की अभिवृत्ति का पता लगाया जा सकता है डायरी लेखन से, आत्‍मकथा से
Ø आदत का आशय है सीखा हुआ व्‍यवहार, अर्जित व्‍यवहार
Ø लैडेल के अनुसार, आदत का प्रारम्‍भ किया जाता है स्‍वेच्‍छा से, जान-बूझकर
Ø किसी कार्य का स्‍वाभाविक रूप से सम्‍पन्‍न होना पाया जाता है आदत के अन्‍त में
Ø आदत व्‍यवहार का नाम है।यह कथन है गैरेट का
Ø आदत के विकास के बाद में किसीमानव का व्‍यवहार हो जाता है यंत्रवत
Ø सामान्‍य रूप से आदतें होती हैं अच्‍छी एवं बुरी
Ø निम्‍नलिखित में कौन-सी आदतें बैलेन्‍टाइन के वर्गीकरण से सम्‍बन्धित हैं यान्त्रिक आदतें, शारीरिक अभिलाषा सम्‍बन्‍धी आदतें, नाड़ी मण्‍डल की आदतें
Ø रायबर्न के अनुसार, आदतें किसी कार्य के सम्‍पन्‍न करने में बचत करतीहैं समय एवं मानसिक शक्ति की
Ø आदत को दूसरा स्‍वभाव किस विद्वान ने कहा है ड्यूक ऑफ वैलिंगटन ने
Ø ड्यूक ऑफ वैलिंगटन ने आदत को स्‍वभाव से अधिक शक्तिशाली माना है दस गुना
Ø चरित्र पुंज है अच्‍छी आदतों का
Ø अच्‍छी आदतों का सम्‍बन्‍ध होता है संवेगात्‍मक स्थिरता से
Ø ब्‍लेयर ने आदत को माना है व्‍यक्तित्‍व का आवरण
Ø सरसेल के अनुसार, आदत है सन्‍तोष व असन्‍तोष का चिन्‍ह
Ø जेम्‍स के अनुसार, आदतें हैं समाज का विशाल चक्र, समाज की श्रेष्‍ठ संरक्षिका
Ø आदत का सर्वाधिक प्रभाव पड़ता है व्‍यक्तित्‍व पर एवं व्‍यवहार पर
Ø बहिर्मुखी व्‍यक्ति होता है उसकी सामाजिक कार्योंमें विशेष रुचि होती है।
Ø ‘Personality’ शब्‍द का उद्गम लैटिन भाषा से हुआ है।
Ø व्‍यक्तित्‍व शब्‍द का प्रयोग व्‍यक्ति के शारीरिक, मानसिक, नैतिक और सामाजिक गुणों के सुसंगठित तथा गत्‍यात्‍मक संगठन के लिए किया जाता है, जिसे वह अन्‍य व्‍यक्तियों के साथ अपने सामाजिक जीवन के आदान-प्रदान में प्रकट करता है।यह कथन है ड्रेवर
Ø थार्नडाइक ने व्‍यक्ति को किस आधार पर बांटा है चिन्‍तन व कल्‍पना शक्ति के आधार पर
Ø वेदान्‍त दर्शन के आधर पर शरीर की रचना किस कोष से नहीं मानी जाती है भावना कोष
Ø सांवेगिक स्थिरता में किस वस्‍तु के प्रति निर्वेद अधिगम को बढ़ाते हैं साहस, जिज्ञासा, भौतिक वस्‍तु
Ø रक्‍त प्रधान व्‍यक्ति प्रसन्‍नचित्‍त होते हैं, चंचल होते हैं, क्रियाशील होते हैं।
Ø बालक किसी कार्य को अपनी इच्‍छा से करता है, वह है सकारात्‍मक प्रे‍रणा
Ø स्‍वधारणा अभिप्रेरक है चेतावनीपूर्ण आन्‍तरिक धारणा
Ø गत्‍यात्‍मक प्रतिरूप से तात्‍पर्य है व्‍यक्ति विशेष के प्रेरकों एवं संवेगों का प्रभाव, जो उसके व्‍यवहार में परिवर्तन उत्‍पन्‍न करता है।
Ø जो प्रेरक वातावरण के सम्‍पर्क में आने से विकसित होता है, वह है अर्जित प्रेरक
Ø वह कारक जो व्‍यक्ति को कार्य करने के लिए उत्‍साह बढ़ाता या घटाता है,– अभिप्रेरणा
Ø जन्‍मजात प्रेरक नहीं है आदत
Ø फ्रॉयड ने सबसे अधिक बल किस मूल प्रवृत्ति पर दिया है काम प्रवृत्ति
Ø किस विद्वान के अनुसार, प्रेरकों का वर्गीकरण जन्‍मजातअर्जितहै मैस्‍लो
Ø अभिप्रेरणा, अधिगम का सर्वोच्‍च राजमार्ग है।यह कथन किसका है स्किनर का
Ø मोटीवेशन शब्‍द की उत्‍पत्ति हुई है, लैटिन भाषा के मोटम धातु से
Ø प्रेरणा के स्रोत हैं चालक, प्रेरक, उद्दीपन
Ø प्रेरणा का प्रमुख स्‍थान है सीखने में, लक्ष्‍य की प्राप्ति में, चरित्र निर्माण में
Ø प्रेरणा होती है सकारात्‍मक व नकारात्‍मक
Ø अभिप्रेरणा द्वारा व्‍यवहार किया जाता है दृढ़
Ø जो प्रेरक सीखे जाते हैं, उसे कहते हैं अर्जित प्रेरक
Ø बाह्य प्रेरणा को कहते हैं नकारात्‍मक प्रेरणा
Ø अर्जित प्रेरक के अन्‍तर्गत आते हैं जीवन लक्ष्‍य व मनोवृत्तियां, मद-व्‍यसन, आदत की विवशता
Ø बहिर्मुखी बालक की विशेषता नहीं है आक्रामक
Ø यह वह शक्ति है जिसके द्वारा व्‍यक्ति अपने सम्‍बन्‍ध जानता है कि वह क्‍या है तथा दूसरे व्‍यक्ति उसके बारे में क्‍या सोचते हैं इस शक्ति का नाम क्‍या है आत्‍मचेतना
Ø कैटिल ने व्‍यक्तित्‍व के प्राथमिक शील गुण बताए हैं बारह
Ø वातावरण का निम्‍न में से कौन-सा प्रकार नहीं है व्‍यक्ति व उसका स्‍वयं का व्‍यक्तित्‍व
Ø व्‍यक्ति का जन्‍मजात प्रेरक है ऐवरिल का
Ø प्रेरणा, कार्य को आरम्‍भ करने, जारी रखने और नियमित करने की प्रक्रिया है।यह कथन किसका है गुड का
Ø मोटिवेशन(Motivation) शब्‍द की उत्‍पत्ति किस भाषा के शब्‍द से हुई है लैटिन
Ø किसकी क्रियाशीलता का सम्‍बन्‍ध मनुष्‍य की पाचन क्रिया से भी होता है सर्वकिंवी ग्रन्थि
Ø आकर्षक व्‍यक्तित्‍व हमें सतत अपने जीवन पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहता है वातावरण के साथ समायोजन, आत्‍मचेतना व सामाजिकता, ध्‍येय की ओर अग्रसर होना, इनमें से कोई नहीं
Ø जैविकीय कारकों को किन भागों में बांटा जा सकता है शरीर रचना व नलिकाविहीन ग्रन्थियां
Ø व्‍यक्तित्‍व शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्‍मक क्रियाओं का एक रूप है, जो जो गत्‍यात्‍मक संगठन है।
Ø निम्‍नांकित पद्धति व्‍यक्तिगत भेद को ध्‍यान में नहीं रखकर शिक्षण में प्रयुक्‍त की जाती है व्‍याख्‍यान पद्धति
Ø मनोविश्‍लेषणात्‍मक दृष्टिकोणके अन्‍तर्गत इदम्, अहम्, परम अहम्
Ø जिन तथ्‍यों का निर्धारण किया जाता है और उनका सार निकालकर संख्‍यात्‍मक रूप में व्‍य‍क्‍त करना कहलाता है निर्धारण मान
Ø जब किसी व्‍यक्ति का अवलोकन निश्चित परिस्थितियों में ही किया जाता है, तो वह कहलाता है नियन्त्रित अवलोक
Ø बालकों के सीखने में प्रेरणा को किस रूप में उपयोगी माना जाता है पुरस्‍कार एवं दण्‍ड
Ø सत्‍य अथवा तथ्‍यों के दृष्टिकोण से उत्‍तम प्रतिक्रिया का बल ही बुद्धि है।बुद्धि की यह परिभाषा है थार्नडाइक की
Ø बालक को दाएं-बाएं का ज्ञान हो जाता है – 6 वर्ष की आयु में
Ø बुद्धिलब्धि का सम्‍बन्‍ध है बुद्धि से
Ø बुद्धिलब्धि को ज्ञात करने का सूत्र किस मनोवैज्ञानिक ने दिया है स्‍टर्न ने
Ø सूक्ष्‍म तथा अमोघ प्रश्‍नों का चिन्‍तन तथा मनन द्वारा हल करती है अमूर्त बुद्धि
Ø निम्‍नांकित में से कौन-सा परीक्षण निष्‍पादन परीक्षण है आकृतिफलक परीक्षण, भूलभुलैया परीक्षण, एवं वस्‍तु संयोजन
Ø सांवेगिक स्थिरता में किस वस्‍तु के प्रति निर्वेद अधिगम को बढ़ाते हैं साहस, जिज्ञासा, भौतिक वस्‍तु

Ø कोई व्‍यक्ति डॉक्‍टर बनने की योग्‍यता रखता है तो कोई व्‍यक्ति शिक्षक बनने की योग्‍यता। यह किस कारण से होती है अभिरुचि के कारण
Ø एक बालककी बुद्धिलब्धि 150 है, तो वह बालक है प्रतिभाशाली बालक
Ø बुद्धिलब्धि के लिए विशिष्‍ट श्रेय किस मनोवैज्ञानिक को जाता है स्‍टर्न को
Ø सामान्‍य बुद्धि बालक प्राय: किस अवस्‍था में बोलना सीख जाता है – 11 माह
Ø बुद्धि के सिद्धान्‍त है द्वि-तत्‍व सिद्धान्‍त, असत्‍तात्‍मक सिद्धान्‍त, क्रमिक महत्‍व का सिद्धान्‍त
Ø विकास से अभिप्राय है शारीरिक, मानसिक तथा व्‍यावहारिक संगठन, वातावरण से सम्‍बन्धित, जीवन-पर्यन्‍त सम्‍भव
Ø वृद्धि से अभिप्राय है शारीरिक एवं व्‍यावहारिक परिवर्तन, शारीरिक एवं मानसिक परिपक्‍वता, निश्चि आयु के पश्‍चात रुकना
Ø अमूर्त बुद्धि, सामाजिक बुद्धि या यान्त्रिक बुद्धियह तीनोंबुद्धि के प्रकार किस मनोवैज्ञानिक ने बताए हैं थार्नडाइक ने
Ø ऐसी समस्‍याओं को हल करने की योग्‍यता जिनमेंज्ञानऔर प्र‍तीकों को समझने और प्रयोग करने की आवश्‍यकता हो, जैसे शब्‍द, अंक, रेखाचित्र, समीकरण और एकसूत्र, ही बुद्धि है।यह कथन कहा है एच. ई. गैरेट ने
Ø संक्रियाओं के आधार पर बौद्धिक योग्‍यता है संज्ञान व स्‍मृति, अपसारी चितन, अभिसारी चिन्‍तन
Ø सामाजिक बुद्धि में थॅर्नडाइक ने क्‍या माना है सद्भाव
Ø निर्णय, सद्भावना, उपकरण, समझने की योग्‍यता, युक्तियुक्‍त तर्क और वातावरण में अपने को व्‍यवस्थित करने की शक्ति ही बुद्धि है।यह कथन है बिने और साइमन का
Ø द्विखण्‍ड बुद्धि के सिद्धान्‍त को प्रतिपादित कियास्‍पीयनमैन ने
Ø बुद्धि कार्य करनेकी एक विधि है।यह कथन है बुडवर्थ का
Ø बुद्धि पहचानने तथा सीखने की शक्ति है।यह कथन है गाल्‍टन का
Ø बुद्धि का त्रिआयामी सिद्धान्‍त किसने दिया था स्‍पीयरमैन ने
Ø वैश्‍लर ने निम्‍नलिखित में से किन योग्‍यताओं को सम्मिलित किया है वातावरण को प्रभावशाली ढंग से व्‍यवहार करने की योग्‍यता, तर्कपूर्ण चिन्‍तन की योग्‍यता, उद्देश्‍यपूर्ण कार्य करने की योग्‍यता
Ø यदि किसी बालक की शारीरिक आयु 10 वर्ष तथा मानसिक आयु 13 वर्ष है तो उसकी बुद्धिलब्धि क्‍या होगी – 130
Ø बुद्धि वह शक्ति है जो हमको समस्‍याओं का समाधान करने और उद्दश्‍यों को प्राप्‍त करने की क्षमता देती है।यह कथन है क्रानबेक का
Ø बुद्धि के द्विखण्‍ड सिद्धान्‍त का प्रतिपादन किया स्‍वीयरमैन ने
Ø बिने-साइमन बुद्धि परीक्षण का संशोधन करने वाले हैं टर्मन
Ø TAT में कहानियों का विश्‍लेषण किस आधार पर किया जाता है कहानी की भाषा-शैली कैसी है, कहानी का कथानक क्‍या है, कहानी में मापन का व्‍यक्तित्व कैसा है।
Ø बुद्धि के एकतत्‍व सिद्धान्‍त के प्रतिपादक थे बिने, टर्मन, स्‍टर्न
Ø बुद्धि के बहुकारक सिद्धान्‍त के प्रतिपादक थे थार्नडाइक


और भाग पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करे


     General Science  के लिये                                              CLICK HERE
 General Math के लिये                                                    CLICK HERE
 General Hindi के लिये                                                   
 CLICK HERE
 Vyapam के लिये                                                             
CLICK HERE
 Current Affairs के लिये                                                 
 CLICK HERE
 Latest Vacancies के लिये                                               
 CLICK HERE
 Syllabus के लिये                                                             
CLICK HERE
 Free Pdf के लिये                                                             
CLICK HERE
 SSC के लिये                                                                     CLICK HERE
 MPSC के लिये                                                                
CLICK HERE
GENERAL ENGLISH के लिये                                           CLICK HERE 



हमें से जुड़िये :

फेसबुक पेज को लाइक करे : CLICK HERE
ट्विटर पर फॉलो करे CLICK HERE
यूट्यूब चैनल  को सब्सक्राइब करे CLICKHERE


No comments:

Post a Comment

रेलवे भर्ती के लिए तैयारी

papekitaiyari.bogspot.com दोस्तों रेलवे भर्ती के लिए तैयारी के लिए यह पर वीडियो क्लास से जुड़िये जुड़ने के लिए हमारे इस चैनल paperki tai...